इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा
नमस्कार दोस्तों मेरी यह रचना Ibadad Kar Ilm Ki केवल और केवल हुनर की शक्ति को मानती है। अगर इंसान के पास कोई हुनर है तो उसे किसी की चापलूसी करने की कोई जरूरत नहीं है।
इबादत कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा
अफ़सोस न कर तेरे अंजाम पर
कि हर इम्तिहान तेरे दर से होकर गुजरेगा।
इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा।
ख़िदमत न कर बेगानों की
आज उनके सितारें बुलन्द है तो क्या
उनका हर खुमार उतरेगा।
इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा।
अश्क न बहा अपनी नाकामियों पर
हर आह को आगाज बना ले
एक दिन आसमान जमीं पे उतरेगा।
इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा।
इत्तिफ़ाक़ से क़ामयाबी का कोई इत्तिफ़ाक़ नहीं
क़ाबिल की क़लम क़िस्मत के भरोसे नहीं
इबादात से अब्र भी धरा पे उतरेगा
इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा।
अलीम के अल्फ़ाज़ रूह पर असर डालते है
आईने कब आरजू पालते है
शिखर वाला भी फर्श पे उतरेगा।
इबादात कर इल्म की
तभी तेरा नसीब सुधरेगा।
आपका अपना कवि
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)
कठिन शब्दार्थ
1. अंजाम- परिणाम
2. इम्तिहान- परीक्षा
3. इबादत- पूजा
4. नसीब- भाग्य
5. ख़िदमत- सेवा
6. खुमार- नशा
7. अश्क- आँसू
8. नाकामी- असफलता
9. आह- दुख/दर्द/पीड़ा/दीर्घश्वास
10. आगाज- प्रारंभ
11. इत्तिफ़ाक़-संयोग
12. क़ाबिल- समर्थ/योग्य/गुणवान
13. क़िस्मत- भाग्य
14. इबादत-भक्ति/परिश्रम
15. अब्र-बादल
16. धरा-भूमि
17. अलीम- विद्वान
18. अल्फ़ाज़-शब्द
19. रूह-आत्मा
20. आईना-दर्पण
21. इल्म- ज्ञान/विज्ञान/मत/सिद्धान्त/शिक्षा


बहुत ही शानदार 👌👌✍️✍️
ReplyDeleteHeart touching poems Nice bhaiya
ReplyDeleteamazing! Thank you for sharing this :) And yes I love it:) I knew from the moment you joined the bay that you would do good:)
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