काश की कोई मेरा अपना होता
नमस्कार हमारी रचना Koi Mera Apna Hota में हम आपके सामने लेकर आये है दिल को छू लेने वाली कुछ काव्य चौपाइयां। प्रत्येक चौपाई में एक अलग रस है।
काश की कोई मेरा अपना होता
कभी खुशी-कभी गम
(1)
काश की कोई मेरा अपना होता
मेरे हंसने पे हंसता
मेरे रोने पे रोता
काश की कोई मेरा अपना होता।
दर्द का रिश्ता
(2)
काश की कोई मेरा अपना होता
जो बिन बताये हर दर्द समझ जाता
मैं रुठु तो मुझे मनाता
काश की कोई मेरा अपना होता।
जिंदगी भर का साथ
(3)
काश की कोई मेरा अपना होता
मेरे लिये जागता
मेरे लिये सोता
काश की कोई मेरा अपना होता।
अंधे की लाठी
(4)
काश की कोई मेरा अपना होता
अंधकार में मार्ग दिखलाता
दुःख में ढाँढश बंधाता
काश की कोई मेरा अपना होता।
जन्म-जन्म का साथ
(5)
काश की कोई मेरा अपना होता
मुसीबत में हाथ बढ़ाता
गलती पर समझाता
काश की कोई मेरा अपना होता।
छोटी सी तमन्ना
(6)
काश की कोई मेरा अपना होता
न मेरा ये सपना होता
न मैं भी धीरज खोता
काश की कोई मेरा अपना होता।
आपका अपना कवि
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)


मर्मस्पर्शी रचना गुरुजी🙏🙏
ReplyDeleteBht bdiya h sir
ReplyDeleteकडवा है, पर सच है।
ReplyDeleteबहुत अच्छा सर