सच्चे प्यार का परवाना

Pramod Kumar Saini
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A True Love Letter

सच्चे प्यार का परवाना 

नमस्कार मेरी यह रचना A True Love Letter (सच्चे प्यार का परवाना) एक सच्चे प्यार के एहसास को दिखाती है।  सच तो यह है कि आजकल प्यार केवल एक शब्द बनकर ही रह गया है। आज के समय में प्यार का अर्थ बस केवल एक उम्र का आकर्षण या वासना है। आइये सच्चे प्यार को अपनाएं -

A True Love Letter

A True Love Letter

सच्चे प्यार का परवाना 

जिंदगी जीने पर एहसास होता है,
प्यार जिंदगी में हमेशा खास होता है।

तुम्हें पाया तो एहसास हुआ,
दिल में दिलबर का मुकाम खास हुआ।

चार पल यूं बीते प्यार में की;
दिल में फिर से जीने की हसरत जवान हुई,
बीते दिनों को याद किया तो लगा कि
कैसी ये इतने दिन बेजुबान मोहब्बत हुई।

कुछ बंया किया बहुत कुछ रह गया था बाकी
वो पल खुशनुमा मिला
अब चाहे सारी जिंदगी हो गम की साकी।

पहली बार यूं प्यार का एहसास हुआ
मिलते तो थे हमेशा
लेकिन दिल अब पास हुआ।

रोज-रोज के झगड़े अब बन्द होंगे
प्यार में मदहोश
अब तुम और हम होंगे।

जुबां से नाम अब एक ही बंया होगा
समझौता नहीं
अब सिर्फ प्यार ही प्यार होगा।

निगाहें बस अब तुम्हारी ही राहें तकेगी
मैं बुलाऊंगा
क्या तुम आ सकोगी।

तस्वीर दिल में बस अब तुम्हारी होगी
मैं मांग न सका
क्या तुम मुझे दोगी?

तुम्हारे प्यार में बस अब जल जाना है
सांसे भी पुकारे
तो तुम्हें जरूर आना है।

आओ अब खाये ये कसम
हर जन्म में
एक-दूसरे के ही होंगे सनम।

आपका अपना कवि
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)

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