कचरा बेचो पैसा कमाओ

Pramod Kumar Saini
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 कचरा बेचो पैसा कमाओ

नमस्कार दोस्तों हमारी रचना Kachara Bechcho Paisa Kamao आज के समय की विसंगता को दर्शाती है। अच्छाई को छोड़कर हम बुराई को अपनाने लग गए है। इस पीड़ा को दिखाती इस काव्य रचना को पढ़े।

कचरा बेचो और पैसा कमाओ

कचरा बेचो पैसा कमाओ

रद्दी के खरीदार बहुत

कीमत हीरे की जौहरी ने ही जानी है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


फल बेचने वाले के घर खाने के टोटे

फ़ास्ट फ़ूड वाले के बच्चें खाये परोठें

अब तो चाऊमीन की दीवानी बूढ़ी नानी है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


मटका बेचने वाले के घर खाली थाली

शराब बेचने वाले के घर सोने की प्याली

अब तो मॉन्टेन ड्यू की दीवानी कमली काकी है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


न अब कोई धोती-कुर्ता वाला है

और ना ही कोई साड़ी-सूट वाली है

जीन्स-टी शर्ट और शॉर्ट-टॉपर का है फैशन

चाहे होली है या दिवाली है

फ़टी जीन्स पेंट में देखो 

धापा भुआ के अब लला और लाली है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


कौन खाये अब दाल, बाटी और चूरमा

पिज़्ज़ा, चाऊमीन और बर्गर खाने वाले कैसे बनेंगे सूरमा

बड़ी महंगी ग्यारसी भाभी इडली और डोसा की थाली है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


कौन लगाये अब हल्दी और चंदन का उबटन

पाउडर और क्रीम लगाकर बनते है टनाटन

न जाने कितनी फेयर एंड लवली लगा ली

फिर भी काली की काली पतासी ताई है

कचरा बेचो पैसा कमाओ!

सुनकर क्यों तुम्हें हैरानी है।


आपका अपना कवि

प्रमोद कुमार सैनी

(प्रेम)

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8Comments

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  1. Kya baat... Kyaa baat... Chha gye guruji... 😊

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  2. Waah guru ji kya atrangi trike baat kh daali hai 👌👌👌✍✍✍✍✍

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  3. Waah guru ji kya atrangi trike baat kh daali hai 👌👌👌✍✍✍✍✍

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  4. Bahut khub likha guruji yug badal gya log badal gye sanskriti badal gyi

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  5. Kya bat hai guruji 🙏🙏🙏

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  6. Sahi bat ha and nice poem bhaiya

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