भारत मां का बच्चा-बच्चा है तेरा शुक्रगुजार

Pramod Kumar Saini
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भारत मां का बच्चा-बच्चा है तेरा शुक्रगुजार

नमस्कार दोस्तों आज की मेरी रचना भारत मां का बच्चा-बच्चा है तेरा शुक्रगुजार देश के महान वीरों की वीरता को नमन करती है। आज हम आजाद देश में जी रहे है लेकिन ये आजादी हमें बहुत बलिदानों से मिली है। हमें उन वीरों के आदर्शो और सिद्धांतो को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। आज उन वीरों की शहादत के दिन उन वीरों के जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। 

भारत मां का बच्चा-बच्चा है तेरा शुक्रगुजार

भगतसिंह

भगतसिंह


तेरी शहादत का कुछ तो पयाम होगा

लाखों आये लाखों गये

पर तेरे जैसा भगतिया

न हुआ है ना ही नाम होगा।


सुखदेव

सुखदेव सिंह


धरती बदले, अंबर बदले 

और चाहे बदले सारी खुदाई

सुखिया जो तूने किया देश की खातिर

वैसा न करता आज कोई भाई-भाई।

राजगुरू

राजगुरु


बस नाम लिया भारत मां का

और हो गया मर मिटने को तैयार

किस मुँह से शुक्रिया करू राजगुरु

भारत मां का बच्चा-बच्चा है तेरा शुक्रगुजार।


भारत माँ की पुकार

भारत माँ की पुकार


कँहा गये वो वीर

जिन पर मुझे मान था

मेरी स्वाधीनता ही जिनका सम्मान था।


कँहा गये वो बलिदानी

चढ़ गये जो फांसी पर

मेरी इज्जत खातिर अपनी जान तुच्छ मानी।


कँहा गये वो युवक

जिनकी रगों में जोश था

'इंकलाब' ही जिनका जय घोष था।


कँहा गये वो वीर

जिन्होंने बदली देश की तकदीर

फ़िरंगियों की छाती पर घाव किये गंभीर।


कँहा गये वो मेरे लाल

जिन्होंने कर दिखाया कमाल

याद रखना वतन के रखवालों को

भूल न जाना हर साल।


आपका अपना कवि

प्रमोद कुमार सैनी

(प्रेम)




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