वक़्त ही तो है गुजर जायेगा
नमस्कार दोस्तों आज की मेरी रचना Wakt Hi To Hai Gujar Jayega इंसान के बुरे वक्त को बताती है। अच्छा और बुरा वक्त दोनों जिंदगी के सिक्के के दो पहलु है। इंसान को कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। बुरा वक्त है वो भी अच्छे वक्त की तरह चंद पल का मेहमान है उसे भी कुछ समय के बाद बदल जाना होगा। हमें अगर जरूरत है तो अपने हौंसलो को मजबूत करने की।
वक़्त ही तो है गुजर जायेगा
वक़्त ही तो है
गुजर जायेगा।
गम की रात
कितनी ही काली क्यों न हो
अंधकार के बाद उजाला
जरूर आयेगा।
जरूर आयेगा।।
वक़्त ही तो है
गुजर जायेगा।
माना की आज
गर्दिश में है तेरे सितारें
पर तू सब्र रख जरा प्यारे
तेरे भी होंगे वारे-न्यारे।
तेरे भी होंगे वारे-न्यारे।।
वक़्त ही तो है
गुजर जायेगा।
माना की कश्ती तेरी
भटक गयी है तूफ़ान में
गर्द बहुत चढ़ी है
अब भी आसमान में
हौसला रख साहिल भी आयेगा।
हौसला रख साहिल भी आयेगा।।
वक़्त ही तो है
गुजर जायेगा।
माना बुलबुले सी है
तेरी-मेरी हस्ती
खतरे में है हर बस्ती
भूल गये सब मौज-मस्ती
भंवरा फिर गुन गुनायेगा।
भंवरा फिर गुन गुनायेगा।।
वक़्त ही तो है
गुजर जायेगा।
माना तेरी उलझनें बड़ी है
ये मुसीबत की घड़ी है
तुम्हें ही कदम कदम पर परखा जायेगा
तेरा अपना ही तुझे आँख दिखायेगा
वक्त ही तो है
गुजर जायेगा.............
गुजर जायेगा.............
आपका अपना कवि
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)


ये वक्त ही तो ह और ये यू ही गुजर जाएगा,, शानदार गुरुजी
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