प्यार, इश्क और दर्द की शायरी

Pramod Kumar Saini
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प्यार, इश्क और दर्द की शायरी

नमस्कार हमारी यह रचना Ishk Ki Shayari (प्यार, इश्क और दर्द की शायरी) प्यार, इश्क और दर्द को एक नई परिभाषा देती है।  इसमें हमने प्यासे दिलों के जज्बातों को समाहित किया है -

प्यासे दिलों के तराने

प्यार, इश्क और दर्द की शायरी

(1)
हुस्न और इश्क की मुलाकात में,
प्यासे दिलों के अजीब से हालात में।
आपने हमें अपने दिल में बसाया,
जब किसी ने न दिया साथ इस क़ायनात में।।

(2)
शुक्रिया-शुक्रिया, शुक्रिया है आपका हर करम।
कभी न तोड़ना हमारे विश्वास का ये भरम।।

(3)
गली में तेरी, आएंगे सुनाने,
फिर वही वफ़ा के अफ़साने।
चाहे तू सुने, न सुने;
मेरे दिल के ये तराने।।

(4)
ऐसा खोना चाहता हूं, तुम्हारे प्यार में।
भूख और प्यास सब गुम हो,
बैठा हूँ तुम्हारे जवाब के इतंजार में
मेरी निग़ाहों में बस तुम हो।।

प्यासे दिलों के तराने


(5)
भौर ने किया उजाला, 
चीर के आँचल रात का।
गुजरेंगे दिन अब अपने तो,
करके इतंजार आपका।।

(6)
तन्हाई के ये पल,
देखो आये है बहार में।
किस तरह तुम्हे बताये,
कैसे कटे है दिन
तुम्हारे इतंजार में।।

(7)
तुमसे मिलकर भी हम तुमसे कुछ ना कहें।
तुम्हें देखकर दिल में एक सैलाब उठता रहें।।

(8)
काली जुल्फों में छुपा तेरा चेहरा है।
अंधेरी रात में जैसे चांद का बसेरा है।।

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)

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