Besharm Ke Mitra Hazar
बेशऱम के मित्र हजार
नमस्कार दोस्तों मेरी रचना Besharm Ke Mitra Hazar आज के इस वर्तमान समय में जो हालत बन रहे है उन सब हालातों को शब्दों में पिरोती हुई मेरी बिल्कुल नवीन रचनाबेशऱम के मित्र हजारलेकर मैं आपके सामने प्रस्तुत हूँ-
बेशर्म के मित्र हजार
अच्छाई का दम घुट रहा
बुराई हो रही मालामाल
बता प्रमोद कुमार इसमें भी है कोई चाल?
उपजने वाला बात बात का मोहताज
बिचौलिया कमाये ब्याज पे ब्याज
बता प्रमोद कुमार इसका क्या है राज?
ज्ञानी बैठा घरों में बेकार
मूर्ख खरीदे मोटर कार
बता प्रमोद कुमार ये कैसा अत्याचार?
सादगी हो रही तार तार
कुरूपता करे नखरे हजार
बता प्रमोद कुमार ये कैसा श्रृंगार?
सच्चाई की सुने न कोई
सच्चाई की सुने न कोई
बुराई की हर घर रसोई
बता प्रमोद कुमार अब क्या करे कोई?
ईमानदार मान को तरसे
बेईमान पर दौलत बरसे
बता प्रमोद कुमार क्या ख़ुदा उतरेगा अम्बर से?
बेशऱम के मित्र हजार
सहने वाले कि सांस फूल रही
सताने वाले कि आत्मा झूले झूल रही
बता प्रमोद कुमार अब भी अच्छाई है कंही
उगाने वाले कि झोली खाली
बेईमानो के घर सोने की थाली
बता प्रमोद कुमार क्या करें बगिया का माली?
दुष्टों को आदर-सत्कार
सभ्यों का हो रहा बहिष्कार
बता प्रमोद कुमार क्या अंधा है सारा संसार?
पंडित-पांडित्य की महिमा घटी
पंडित-पांडित्य की महिमा घटी
सारी पंजीरी पांखण्डियों में बंटी
बता प्रमोद कुमार कौन बांधे बिल्ली के गले मे घण्टी?
सद्कर्म के राश्ते कांटो भरे
दुष्कर्म के मार्ग फूलों की भरमार
बता प्रमोद कुमार ये कैसा हो गया संसार?
धर्मी का घर-बार राम भरोसे
धर्मी का घरबार राम भरोसे
अपधर्मी की रसोई बने समोसे
बता प्रमोद कुमार अब थाली कौन परोसे?
इज्जतदार की इज्जत लुटे बीच बाज़ार
बेशर्म के मित्र हजार
बता प्रमोद कुमार कैसे हो नईया पार?
भले मानस का हाल-बेहाल
कपटी के घर सोने की डाल
बता प्रमोद कुमार क्या करे ये मिट्टी का लाल?
न कला रही, न रहे कलाकार
नित दिन चोला बदले गिरगिट हजार
बता प्रमोद कुमार किस रंग रंगा है संसार?
प्रमोद कुमार सैनी (प्रेम)




Bahut khub sir ji
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