1.
ये जिंदगी है साहब,
हिसाब रखती है बात बात का
कोई सानी नही,
इस जिंदगी की बिसात का
पग पग पर कांटे बिछे है,
जीना है तो ज़िगर चाहिए फ़ौलाद का
लोग कहते है विश्वास नहीं औरत की जात का
मैं कहता हूं अब वो मर्द नहीं बचे,
वजन हो जिनकी बात का
हर तरफ बाज़ार लगा है दोस्त,
कुछ नहीं बंटता यंहा जज्बात का
तू गर ख़ुदा है तो सुन ले,
रंग बदल रहा है तेरी क़ायनात का
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)
जिंदगी एक पतंग है
2.
ये जिंदगी एक पतंग है।
जब तक डोर हाथ में है संग है।।
हर कोई आपकी पतंग काटने को तैयार है।
ये क्या ढंग है।।
जिसे न पतंग की परवाह न डोर की,
वो मलंग है।
ये ढील और खेंच की लड़ाई ही,
जिंदगी की असली जंग है।।
चरखी है तेरे हाथ में मौला;
चाहे उड़ने दे, चाहे कटवा डाले,
ये तेरे ही दिमाग की तरंग है।
जो समझ गया वो ज्ञानी,
जो ना समझा वो भचंग है।।
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)
3.
हे युवा शक्ति, देश की जान
उठ, जाग ; अपने को पहचान
मत बन देश के प्रति अनजान
तेरी कर्मभूमि है तुम्हें पुकारती
तेरी राह में पलके बिछाये खड़ी है माँ भारती
किस सोच में डूबा है रे तू
ये वक्त फिर नही आयेगा, हो जायेगा उड़न छू
अब भी वक्त है जाग
उठा तिरंगा ले भाग
कब तक यूँ हाथ पे हाथ धरकर बैठेगा
कर्म की गठरी उठा, तेरा भविष्य तेरे कदमों में लेटेगा
कोई न फिर तुम पर फिर कीचड़ फेंकेगा।।
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)
4.
मैं कैसे भूल जाऊ तुझे ऐ ख्वाब।
तेरी वजह से ही घर से दूर हूँ।।
तुझे है क्या खबर।
मैं कितना मजबूर हूँ।।
मेरा हर दिन और रात
बस तेरी ही रवानी है।
बड़ी अबूझ तेरी निशानी है।
सफलता का जिक्र है हर जुबा पर।
असफलता का न कोई किस्सा न कोई कहानी है।।
तू ख्वाब है तो क्या हुआ।
मैं भी आफताब हूँ;
हर पहेली का मैं जवाब हूँ।।
प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)
पाठकों मेरी रचनाओं को इतना प्यार और स्नेह देने के लिये, धन्यवाद । इसी प्रकार की अन्य रचनाओं को पढ़ने के लिए आप हमसे जुड़े रहिये।
धन्यवाद।।




Very nice sir
ReplyDeleteThanks a lot
Deleteबहुत खूब भाईजी
ReplyDeleteधन्यवाद बहना
DeleteWahhhhhhhhhhhh
Deleteमर्म स्पर्शी काव्य गुरुदेव....!!!🙏
दिल से आभार
Deleteआपका आभार आप साहित्य को एक नया आयाम दे रहे है
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