राम बनना इतना भी आसान नहीं

Pramod Kumar Saini
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Ram Ki Mahima Nirali

राम बनना इतना भी नहीं आसान


नमस्कार पाठकों ये मेरी रचना Ram Ki Mahima Nirali लेकर आपके सामने एक बार फिर से आया हूँ।  जैसा की हम सब जानते है कि राम की महिमा निराली है। राम जीवन का अनुकरण करना बहुत ही मुश्किल है लेकिन अगर हम उस जीवन के कुछ अंश भी अपने जीवन में उतर लेते है तो अपना स्वयं का जीवन सफल हो जायेगा।  जय श्री राम। 

Ram Ki Mahima Nirali 

राम बनना इतना भी नहीं आसान

Ram Ki Mahima Nirali

राम बनना इतना भी नहीं आसान।।

राम बनकर कौन महल को खोये,
घास-फुस पर सोये और केवट पांव धोये।।
 
राम बनकर कौन शिव धनुष तोड़े 
जनकनन्दनी को अपनाएँ
और अपनी भार्या को दूसरों के कहने पर छोड़े।।
 
राम बनकर कौन वन वन भटके,
निर्बल को गले लगाए और
शबरी के बेर गटके।
 
राम बनकर कौन गरुड़ को कथा सुनाये,
बाली को मारे और
सुग्रीव को गले लगाये।।
 
राम बने उसका कौन-कौन संगी,
शुग्रीव, जामवंत और
वीर बजरंगी, ।।
 
राम बने उसके कौशल्या, सुमित्रा और कैकयी माई 
भारत, शत्रुघ्न और
लक्ष्मण जैसे भाई।।
 
राम बनकर कौन रावण को मारे,
कुम्भकर्ण को मारे और
विभीषण को अपनाये।।
 
राम बनकर कौन स्त्री की लाज बचाये,
दूसरों के दर्द को समझे और
खुद वियोग में जल जल जाये।।
 
राम बनकर कौन निर्बल को अपनाये,
पतित को आसरा दे और
घमंडी की गर्दन झुकाये।।
 
प्रमोद कुमार सैनी

प्रेम

पाठकों मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी रचना राम बनना इतना भी नहीं आसान पसंद आई होगी। इसी प्रकार की अन्य रचनाओं को पढ़ने के लिए आप हम से जुड़े रहे।
धन्यवाद।।

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8Comments

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  1. अति उत्तम आप ने भगवान श्री राम बनना इतना आसान नहीं है

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  2. बहुत अच्छा आप बहुत ही शानदार लिखते हैं

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