आओ किस्मत को आजमाते है

Pramod Kumar Saini
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आओ किस्मत को आजमाते है

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आओ किस्मत को आजमाते है


1.
अच्छे की क्यों आस करें,
बुरे को गले लगाते है।
किस्मत ने हमें बहुत आजमाया;
आओ अब किस्मत को हम आजमाते है।।

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)


मत बांध प्रीत की डोर

2.
मत मिलाया कर तू उन्हें खुदा,
जिन्हें तू मिला नही सकता।
मत बांध वो प्रीत की डोर,
जिसे तू बांध नही सकता।।

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)


खुशियां After the Break

3.

काश कोई दिल बहलाने के लिये ही चुपके से कह दे खुशियां
After the Break

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)

Bhugat-Apni-Nadani


भुगत अपनी नादानी

4.
मैं देता रहा उन पौधों को पानी,
जिन्हें करनी थी अपनी मनमानी।
बहुत समझाया लोगों ने मत बन अज्ञानी,
वरना बीत जाएगी तेरी जवानी।
तेरा नूर बिखर कर हो जाएगा पानी-पानी,
अब भुगत 'प्रेम' अपनी  नादानी।

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)



5.
उम्मीद की राह न छोड़ना,
मत खोना कभी हौंसले तुम्हारे।

उठ खड़ा हो, सच कर अपने सपने सारे;
वक्त के बीतने के बाद, राख में तब्दील हो जाते है अंगारे ।। 

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)

Mere-Ghav-Chhote-Tere-Jakhm-Bade-Hai

मेरे घाव छोटे, तेरे जख्म बड़े है

6.
रोने को मन करता है बार बार,
पर दिल पर पत्थर पड़े है।
मैं क्या क्या बताऊँ तुम्हे ए दोस्त,
मेरे घाव छोटे, तेरे जख्म बड़े है।।

प्रमोद कुमार सैनी
(प्रेम)

पाठकों मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी रचनाएं आओ किस्मत को आजमाते है, मत बांध प्रीत की डोर, खुशियां After the Break, उम्मीद की राह न छोड़ना और मेरे घाव छोटे, तेरे जख्म बड़े है पसंद आई होगी। इसी प्रकार की अन्य रचनाओं को पढ़ने के लिए आप हमसे जुड़े रहिये।
धन्यवाद।।

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